Old Pension Scheme News: क्या जनवरी 2026 से OPS पर हो सकता है बड़ा फैसला?
Old Pension Scheme News: सरकारी कर्मचारियों के बीच इन दिनों एक खबर तेजी से चर्चा में है कि यदि सरकार सकारात्मक रुख अपनाती है, तो जनवरी 2026 से पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर अहम निर्णय सामने आ सकता है। ऐसा माना जा रहा है कि इससे देशभर के लाखों केंद्रीय और राज्य सरकारी कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।
कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से OPS बहाली की मांग की जा रही थी। हालिया संकेत बताते हैं कि सरकार इस विषय पर विचार कर रही है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा जारी नहीं हुई है।
Old Pension Scheme News क्यों पसंद की जाती थी पुरानी पेंशन योजना
OPS को सरकारी कर्मचारियों के लिए सुरक्षित रिटायरमेंट व्यवस्था माना जाता था। इस सिस्टम में रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन अंतिम वेतन के आधार पर तय होती थी। साथ ही महंगाई भत्ता (DA) भी समय-समय पर जुड़ता था, जिससे पेंशन राशि महंगाई के अनुसार बढ़ती रहती थी।
इस योजना की खासियत यह थी कि कर्मचारी के वेतन से पेंशन के लिए कोई योगदान नहीं काटा जाता था। पूरी जिम्मेदारी सरकार उठाती थी, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद नियमित और निश्चित आय सुनिश्चित होती थी।
पारिवारिक पेंशन का बड़ा सहारा
OPS के तहत पारिवारिक पेंशन की सुविधा भी एक अहम लाभ था। कर्मचारी के निधन की स्थिति में उसके आश्रित पति या पत्नी को नियमित पेंशन मिलती रहती थी।
इस व्यवस्था में निवेश बाजार का कोई जोखिम नहीं होता था, जिससे परिवार को हर महीने तय आर्थिक सहायता मिलती थी। यही कारण है कि कर्मचारी इसे भरोसेमंद पेंशन प्रणाली मानते रहे हैं।
NPS को लेकर असंतोष की वजह
साल 2004 के बाद लागू नई पेंशन योजना (NPS) में कर्मचारी और सरकार दोनों को योगदान देना पड़ता है। यह राशि बाजार आधारित निवेश साधनों में लगाई जाती है।
इस प्रणाली में पेंशन की राशि बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, इसलिए इसमें निश्चितता नहीं होती। बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर रिटायरमेंट के समय मिलने वाला लाभ कम हो सकता है। साथ ही एन्युटी खरीदने की प्रक्रिया भी कई लोगों को जटिल लगती है, जिससे असंतोष बढ़ा है।
OPS बहाली को लेकर चल रहा है आंदोलन
विभिन्न कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने वर्षों से OPS लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं। उनका तर्क है कि सरकारी कर्मचारियों के भविष्य के लिए गारंटीड पेंशन बेहद जरूरी है।
कुछ राज्यों जैसे राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल प्रदेश ने अपने स्तर पर OPS व्यवस्था को अपनाया है। अब सभी की नजर केंद्र सरकार की संभावित नीति पर टिकी हुई है।
हालिया चर्चाएं क्या इशारा करती हैं
जानकार सूत्रों के मुताबिक इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श की संभावना जताई जा रही है। कहा जा रहा है कि वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित संस्थानों के साथ बैठकों में संशोधित पेंशन मॉडल पर चर्चा हो सकती है।
फिलहाल यह स्पष्ट कर देना जरूरी है कि सरकार की ओर से कोई आधिकारिक निर्णय घोषित नहीं हुआ है।
किसे हो सकता है लाभ
यदि OPS से जुड़ा कोई सकारात्मक फैसला आता है, तो वर्तमान में NPS के अंतर्गत आने वाले सरकारी कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सकता है। इससे रिटायरमेंट सुरक्षा को लेकर चिंतित कर्मचारियों को मानसिक राहत मिल सकती है।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
इस विषय में कई तरह की खबरें और दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन जब तक सरकार की आधिकारिक अधिसूचना जारी न हो, तब तक किसी भी सूचना को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
कर्मचारियों को चाहिए कि वे केवल सरकारी प्रेस रिलीज़, अधिसूचना या विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
OPS से जुड़ी संभावित चर्चा ने कर्मचारियों में उम्मीद जरूर जगाई है, लेकिन अंतिम स्थिति सरकार के आधिकारिक फैसले पर ही निर्भर करेगी।




