Khet Talab Yojana: सूखे खेत में भी लहलहाएगी फसल सरकार की नई स्कीम, जो ‘आधी कीमत’ पर बनवा देगी आपके खेत में तालाब
Khet Talab Yojana: किसान भाइयों, खेती-किसानी में सबसे बड़ा जुआ ‘पानी’ का होता है। बारिश हो गई तो बल्ले-बल्ले, और अगर मानसून दगा दे गया, तो खड़ी फसल आँखों के सामने सूखते देर नहीं लगती। ट्यूबवेल चलाएं तो डीजल और बिजली का बिल कमर तोड़ देता है।
लेकिन अब चिंता छोड़िए। उत्तर प्रदेश सरकार 2026 में एक ऐसा ऑफर लेकर आई है, जिसे अगर आपने समझ लिया, तो पानी की टेंशन हमेशा के लिए खत्म।
बात हो रही है ‘खेत तालाब योजना 2026’ की। सरकार कह रही है “आप अपनी जमीन पर गड्ढा खुदवाओ, उसका आधा खर्चा हम देंगे।”
आइये, सीधे काम की बात करते हैं कि इससे आपकी जेब और खेत को क्या फायदा होगा।
सरकार कितना पैसा देगी?
देखिए, एक छोटे तालाब को बनवाने में मोटा-मोटी 1 लाख 5 हजार रुपये का खर्चा आता है। अब एक आम किसान के लिए एक बार में इतना पैसा लगाना मुश्किल है। यहीं पर सरकार मदद का हाथ बढ़ाती है।
सीधा सौदा: सरकार आपको कुल लागत का 50% यानी 52,500 रुपये वापस (सब्सिडी) दे देगी।
पंप का खर्चा अलग से: अब तालाब तो बन गया, लेकिन पानी खेत तक कैसे जाएगा? इसके लिए भी सरकार ने सोचा है। अगर आप पानी खींचने वाला पंप सेट लेते हैं, तो उस पर भी 15,000 रुपये तक की अलग से छूट मिलेगी।
यानी, “आम के आम और गुठलियों के दाम।” तालाब भी बन गया और जेब पर जोर भी आधा पड़ा।
लेकिन ठहरिए! एक जरूरी शर्त भी है
सरकारी पैसा है, तो नियम-कायदे तो होंगे ही। इस योजना का फायदा उठाने के लिए एक ‘पेंच’ है जिसे आपको समझना होगा।
सरकार चाहती है कि पानी बर्बाद न हो।
इसलिए, यह स्कीम सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी जिनके खेत में पहले से ‘टपक सिंचाई’ (Drip Irrigation) या ‘फव्वारा विधि’ (Sprinkler) लगी हुई है।
अगर आप पानी को खुला छोड़कर (Flood Irrigation) खेती करते हैं, तो शायद आपको यह लाभ न मिले। सरकार का मकसद साफ है ‘बूंद-बूंद का सही इस्तेमाल’।
सिर्फ पानी नहीं, मछली से भी होगी कमाई
समझदार किसान वही है जो एक तीर से दो शिकार करे। खेत में तालाब होने का मतलब सिर्फ सिंचाई नहीं है।
अगर आप इसमें मछली पालन (Fish Farming) शुरू कर दें, तो साल भर की एक्स्ट्रा कमाई पक्की।
जब तक बारिश का पानी तालाब में है, मछलियाँ पालें और जब पानी की जरूरत हो, तो सिंचाई कर लें। इससे खेती की लागत भी निकलेगी और घर का खर्चा भी शान से चलेगा।
किसे पहले मौका मिलेगा?
वैसे तो यह योजना पूरे यूपी के लिए है, लेकिन सरकार उन इलाकों पर ज्यादा फोकस कर रही है जहाँ जमीन का पानी (Groundwater) बहुत नीचे चला गया है (डार्क जोन)।
इसके अलावा, छोटे किसान (लघु-सीमांत) और अनुसूचित जाति/जनजाति के भाइयों को लाइन में सबसे आगे रखा जाएगा।
Khet Talab Yojana आवेदन का तरीका
अगर आप मन बना चुके हैं, तो कागजी कार्रवाई में देर मत कीजिये:
- कंप्यूटर या मोबाइल पर upagriculture.com खोलें।
- वहां ‘खेत तालाब’ वाले ऑप्शन पर क्लिक करें। (ध्यान रहे, रजिस्ट्रेशन के लिए थोड़ी सी ‘टोकन मनी’ जमा करनी पड़ सकती है)।
- खतौनी (जमीन के कागज), आधार कार्ड, बैंक पासबुक और सिंचाई यंत्र का फोटो साथ रखें।
सरकारी योजनाओं का एक ही नियम होता है “जो पहले आएगा, वो पहले पाएगा”। 2026 का बजट आते ही भीड़ बढ़ जाएगी। इसलिए, अपने जिले के कृषि अधिकारी से आज ही मिलें या जन सेवा केंद्र जाकर फॉर्म भर दें। अपनी खेती को भगवान भरोसे छोड़ने के बजाय, उसे ‘स्मार्ट’ बनाने का यही सही समय है।
Apply Link: [Official Website Link]




