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Education Loan 2026: बढ़ती फीस के दौर में पढ़ाई का सबसे बड़ा सहारा एजुकेशन लोन लेने का आसान तरीका

Education Loan 2026: आज के प्रतिस्पर्धी दौर में अच्छी शिक्षा हासिल करना हर स्टूडेंट का सपना होता है, लेकिन अक्सर यही सपना फाइनेंशियल दिक्कतों के कारण अधूरा रह जाता है।

इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या विदेश में पढ़ाई जैसे कोर्सेज की फीस इतनी ज्यादा हो चुकी है कि मिडिल क्लास परिवारों की बचत अक्सर कम पड़ जाती है। कई बार छात्र मनपसंद कोर्स छोड़कर मजबूरी में किसी दूसरे विकल्प की तरफ जाने का फैसला कर लेते हैं।

ऐसे हालात में Education Loan छात्रों के लिए सबसे मजबूत सहारा बनकर सामने आता है। यह न सिर्फ पढ़ाई का रास्ता आसान करता है, बल्कि छात्रों को बिना आर्थिक दबाव के अपने करियर पर फोकस करने का मौका भी देता है।

Education Loan 2026

Education Loan के लिए कौन आवेदन कर सकता है?

अगर आपने किसी इंजीनियरिंग, मेडिकल, मैनेजमेंट या प्रोफेशनल कोर्स में एडमिशन के लिए एंट्रेंस एग्जाम क्वालिफाई कर लिया है, तो आप एजुकेशन लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बैंक आमतौर पर छात्र के अकादमिक रिकॉर्ड को काफी महत्व देते हैं। बेहतर रिजल्ट और अच्छे संस्थान में एडमिशन होने पर लोन मिलने की संभावना ज्यादा रहती है।

एजुकेशन लोन में मुख्य आवेदक स्टूडेंट होता है, जबकि उनके माता-पिता या अभिभावक को-एप्लिकेंट होते हैं। बैंक लोन मंजूर करने से पहले को-एप्लिकेंट की आर्थिक स्थिति, आय और क्रेडिट प्रोफाइल की भी जांच करते हैं। सामान्य तौर पर एजुकेशन लोन की प्रक्रिया 7 से 30 दिनों के भीतर पूरी हो जाती है।

अगर आपने पहले से ही पहले सेमेस्टर की फीस भरकर एडमिशन ले लिया है, तो अच्छी बात यह है कि कई बैंक उस राशि को भी बाद में लोन में कन्वर्ट कर देते हैं।

एजुकेशन लोन पर सरकारी सब्सिडी का फायदा

कई मामलों में केंद्र सरकार और राज्य सरकारें एजुकेशन लोन पर ब्याज सब्सिडी भी देती हैं, खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय और कुछ विशेष श्रेणियों के छात्रों के लिए।

इसका मतलब यह है कि पढ़ाई के दौरान या मोरिटोरियम पीरियड में ब्याज का बोझ काफी हद तक कम हो जाता है। लोन लेने से पहले संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए।

Education Loan के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स

एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। इनमें 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, स्टूडेंट और पैरंट्स के KYC डॉक्यूमेंट्स, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, पहचान प्रमाण पत्र और एड्रेस प्रूफ शामिल होते हैं।

इसके अलावा, जिस कोर्स के लिए आपने एंट्रेंस एग्जाम क्लियर किया है, उसका प्रूफ, कॉलेज या यूनिवर्सिटी की फीस स्ट्रक्चर, एडमिशन लेटर और पैरंट्स के पिछले तीन साल के इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भी मांगे जाते हैं। ये सभी डॉक्यूमेंट बैंक को आपकी योग्यता और भुगतान क्षमता समझने में मदद करते हैं।

इंस्टिट्यूट का नाम क्यों करता है फर्क?

एजुकेशन लोन में इंस्टिट्यूट की प्रतिष्ठा बहुत मायने रखती है। अगर किसी छात्र को किसी ग्रेड-1 या प्रीमियम इंस्टिट्यूट में एडमिशन मिला है, तो बैंक लोन देने में ज्यादा सहज होते हैं।

ऐसे मामलों में अक्सर बिना किसी कोलैटरल, कम ब्याज दर और आसान शर्तों पर लोन मिल जाता है।

उदाहरण के तौर पर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 250 से अधिक टॉप संस्थानों को अपनी Scholar Loan Scheme के तहत सूचीबद्ध किया हुआ है।

इनमें कई IIMs, IITs, AIIMS, AFMC, CMC Vellore, BITS Pilani, ISB और प्रमुख NITs शामिल हैं। इन संस्थानों के लिए बैंक के पास पहले से तय गाइडलाइंस होती हैं, जिससे लोन प्रोसेस काफी तेज हो जाता है।

कितनी राशि तक मिल सकता है Education Loan?

अगर आप किसी टॉप इंस्टिट्यूट में पढ़ाई कर रहे हैं, तो बैंक ₹40 लाख से लेकर ₹1 करोड़ तक का एजुकेशन लोन बिना किसी कोलैटरल के भी दे सकते हैं। ऐसे मामलों में ब्याज दर भी आमतौर पर 0.5% से 1% तक कम रखी जाती है।

एजुकेशन लोन सिर्फ कॉलेज की ट्यूशन फीस तक सीमित नहीं होता। इसमें पढ़ाई से जुड़े कई जरूरी खर्च शामिल किए जाते हैं, जैसे हॉस्टल और मेस का खर्च, किताबें, लैपटॉप, प्रोजेक्ट वर्क, स्टडी टूर और विदेश में पढ़ाई के लिए यात्रा व्यय। यही वजह है कि यह लोन छात्रों की पूरी शिक्षा लागत को कवर करने में मदद करता है।

Education Loan पर ब्याज दर कितनी होती है?

एजुकेशन लोन की ब्याज दरें बैंक और लोन अमाउंट के अनुसार अलग-अलग होती हैं। आमतौर पर ये दरें 8% से 12% के बीच रहती हैं। कई सरकारी बैंक फीमेल स्टूडेंट्स को अतिरिक्त 0.5% की छूट भी देते हैं।

कुछ प्रमुख बैंकों की अनुमानित ब्याज दरें इस प्रकार हैं: SBI में करीब 7.25% से शुरू, UCO Bank में लगभग 7.50%, ICICI Bank में लगभग 11.27%, IDFC First Bank में 9.99% और Tata Capital में 10.99% के आसपास। हालांकि, आवेदन से पहले संबंधित बैंक की शाखा से लेटेस्ट ब्याज दर जरूर कन्फर्म करनी चाहिए।

मोरिटोरियम पीरियड क्या होता है?

एजुकेशन लोन की सबसे बड़ी खासियत इसका मोरिटोरियम पीरियड होता है। इस अवधि में छात्र को बैंक को कोई EMI नहीं चुकानी होती। आमतौर पर यह समय कोर्स की अवधि + 6 महीने से 1 साल तक का होता है।

इसका उद्देश्य यह होता है कि छात्र पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी ढूंढ सके और आर्थिक रूप से स्थिर हो सके। मोरिटोरियम खत्म होने के बाद ही EMI शुरू होती है, जिसे छात्र 5 से 15 साल की अवधि में आराम से चुका सकता है।

Education Loan पर टैक्स में राहत

एजुकेशन लोन लेने का एक और बड़ा फायदा टैक्स से जुड़ा है। आयकर अधिनियम की धारा 80E के तहत एजुकेशन लोन पर चुकाए गए पूरे ब्याज पर टैक्स कटौती का दावा किया जा सकता है। इससे नौकरी शुरू करने के बाद भी छात्रों को वित्तीय राहत मिलती है।

Education Loan उन छात्रों के लिए एक मजबूत विकल्प है, जो पैसों की कमी के कारण अपने सपनों की पढ़ाई छोड़ना नहीं चाहते। सही जानकारी, सही इंस्टिट्यूट और सही बैंक के साथ यह लोन न सिर्फ पढ़ाई का खर्च संभालता है, बल्कि भविष्य को भी सुरक्षित बनाता है।

अगर आप उच्च शिक्षा की योजना बना रहे हैं, तो एजुकेशन लोन आपके सपनों को हकीकत में बदलने का सबसे भरोसेमंद रास्ता हो सकता है।

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Surendar Bhadu

नमस्ते! मैं Surendar Bhadu एक ग्रेजुएट पास हुं और 8 वर्ष के अनुभव वाले प्रोफेशनल ब्लॉगर हैं। वे सरकारी नौकरियों, सरकारी योजनाओं, शिक्षा से… More »

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