DA Hike News 2026: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की तैयारी
DA Hike News 2026: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबे समय से महंगाई भत्ते (DA Hike) में बढ़ोतरी का इंतजार है। दिसंबर 2025 में 7वें वेतन आयोग की तय अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन फिलहाल वेतन और भत्तों की गणना 7th Pay Commission के नियमों के तहत ही की जा रही है। इसका कारण यह है कि 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) अभी लागू नहीं हुआ है और उसकी रिपोर्ट आने में समय लग सकता है।
ऐसे में सरकार की ओर से जल्द ही डीए बढ़ोतरी को लेकर फैसला लिया जा सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।
DA Hike अभी क्यों जरूरी माना जा रहा है?
पिछले कुछ समय से महंगाई लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। रोजमर्रा की जरूरतों, ट्रांसपोर्ट और खाने-पीने के सामान की कीमतों में इजाफा हुआ है। ऐसे हालात में महंगाई भत्ता ही एक ऐसा माध्यम है, जिससे कर्मचारियों की क्रय शक्ति को संतुलित रखा जाता है।
हालांकि 7वें वेतन आयोग की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन जब तक नया वेतन आयोग लागू नहीं होता, तब तक DA Hike ही एकमात्र राहत माना जा रहा है।
DA Hike किस आधार पर तय किया जाता है?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का निर्णय किसी अनुमान पर नहीं, बल्कि एक तय आर्थिक सूचकांक पर आधारित होता है। सरकार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर डीए की गणना करती है।
हर महीने जारी होने वाले इस इंडेक्स में महंगाई की वास्तविक स्थिति झलकती है। खासतौर पर पिछले 12 महीनों के औसत AICPI-IW डेटा को आधार बनाकर यह तय किया जाता है कि डीए बढ़ेगा या नहीं।
फिलहाल सभी की नजरें दिसंबर 2025 के AICPI-IW आंकड़ों पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इन्हीं से जनवरी 2026 के डीए की तस्वीर साफ होगी।
साल में कितनी बार बढ़ता है DA?
केंद्र सरकार आमतौर पर महंगाई भत्ते में साल में दो बार संशोधन करती है:-
- पहला संशोधन: जनवरी से लागू
- दूसरा संशोधन: जुलाई से लागू
अगर सरकार जनवरी 2026 से डीए बढ़ाने का फैसला करती है और इसकी घोषणा फरवरी या मार्च में होती है, तो कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिलेगा।
मौजूदा DA कितना है और नया DA कितना हो सकता है?
जुलाई 2025 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते को 55% से बढ़ाकर 58% कर दिया था। इसके बाद से अगली बढ़ोतरी का इंतजार किया जा रहा है।
वर्तमान आर्थिक संकेतों और AICPI-IW ट्रेंड के आधार पर डीए में अच्छी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
संभावित स्थिति इस प्रकार हो सकती है:
- अगर 3% की बढ़ोतरी होती है- नया DA 61%
- अगर 5% की बढ़ोतरी होती है- नया DA 63% या उससे अधिक
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार 5% DA Hike की संभावना ज्यादा मजबूत नजर आ रही है।
DA बढ़ा तो सैलरी पर कितना असर पड़ेगा?
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर पड़ता है। इसे एक सरल उदाहरण से समझा जा सकता है।
मान लीजिए किसी केंद्रीय कर्मचारी की:
- बेसिक सैलरी = ₹10,000
- मौजूदा DA (58%) = ₹5,800
अगर डीए 5% बढ़कर 63% हो जाता है, तो:
नया DA = ₹6,300
इस तरह कर्मचारी की मासिक सैलरी में सीधे ₹500 की बढ़ोतरी होगी। सालाना आधार पर यह रकम ₹6,000 तक पहुंच जाती है।
DA बढ़ोतरी का TA पर क्या असर होगा?
महंगाई भत्ते के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) भी प्रभावित होता है। डीए बढ़ने पर टीए में भी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसका फायदा मिलेगा:-
- लगभग 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को
- करीब 69 लाख पेंशनभोगियों को
हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जैसे भत्तों में बदलाव तभी होता है, जब बेसिक सैलरी में संशोधन किया जाता है। केवल डीए बढ़ने से HRA में बदलाव नहीं होता।
बेसिक सैलरी कब बढ़ेगी?
केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी आमतौर पर नए वेतन आयोग के लागू होने पर बढ़ती है। यह बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर के जरिए तय की जाती है।
माना जा रहा है कि 8वां वेतन आयोग जुलाई 2028 के आसपास अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। उसके बाद ही बेसिक सैलरी में बड़ा संशोधन संभव होगा। तब तक कर्मचारियों को डीए बढ़ोतरी के जरिए ही राहत मिलती रहेगी।
DA Hike की गणना कैसे होती है? (फॉर्मूला)
महंगाई भत्ते की गणना एक तय फॉर्मूले से की जाती है:
DA (%) = [{(पिछले 12 महीनों का औसत AICPI-IW × 2.88) − 261.41} / 261.41] × 100 − मौजूदा DA (%)
उदाहरण के तौर पर यदि:
औसत AICPI-IW = 148.2
तो गणना कुछ इस तरह होगी:
148.2 × 2.88 = 426.81
426.81 − 261.41 = 165.40
165.40 ÷ 261.41 = 0.63
0.63 × 100 = 63
63 − 58 = 5% DA Hike
इस फॉर्मूले के अनुसार भी 5 फीसदी डीए बढ़ने की संभावना मजबूत दिखाई देती है।
DA Hike से मिलेगी बड़ी राहत
अगर सरकार 5% DA Hike को मंजूरी देती है, तो इसका सीधा फायदा करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा। बढ़ती महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी एक बड़ी राहत साबित हो सकती है।
अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में कभी भी की जा सकती है।




