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BEd 1 Year Course 2026: शिक्षा क्षेत्र में नई शुरुआत 10 साल बाद 1 वर्ष का बीएड कोर्स लागू

BEd 1 Year Course 2026: शिक्षा जगत के लिए वर्ष 2026 एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। लगभग 10 वर्षों के अंतराल के बाद एक बार फिर 1 वर्षीय बीएड (B.Ed 1 Year Course) को लागू करने का निर्णय लिया गया है।

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के इस कदम को व्यावहारिक और छात्रहितैषी माना जा रहा है। यह बदलाव उन युवाओं के लिए राहत लेकर आया है, जो शिक्षक बनने की इच्छा तो रखते थे, लेकिन दो साल के लंबे कोर्स, अधिक खर्च और समय की कमी के कारण पीछे रह जाते थे।

अब कम अवधि में, कम खर्च पर और व्यवस्थित प्रशिक्षण के साथ शिक्षक बनने का अवसर उपलब्ध होगा।

BEd 1 Year Course 2026

1 वर्षीय बीएड की वापसी क्यों जरूरी थी

पिछले कुछ वर्षों से शिक्षाविदों, विश्वविद्यालयों और छात्रों के बीच यह चर्चा तेज थी कि जिन अभ्यर्थियों की शैक्षणिक पृष्ठभूमि मजबूत है, उनके लिए दो वर्ष का प्रशिक्षण अनिवार्य नहीं होना चाहिए।

विशेष रूप से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री या परास्नातक कर चुके छात्रों के लिए एक वर्ष का गहन प्रशिक्षण पर्याप्त माना जा रहा था।

लंबे कोर्स की वजह से:

  • छात्रों का करियर शुरू होने में देरी होती थी।
  • फीस, रहने और अन्य खर्च बढ़ जाते थे।
  • कई योग्य उम्मीदवार बीच में ही योजना छोड़ देते थे।

इन्हीं व्यावहारिक कारणों को देखते हुए 1 वर्षीय बीएड को दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से जुड़ाव

NEP 2020 का मूल उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को लचीला, कौशल आधारित और समय की दृष्टि से प्रभावी बनाना है। नई नीति में बहुविकल्पीय प्रवेश-निकास प्रणाली, व्यावहारिक ज्ञान और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है।

1 वर्षीय बीएड कोर्स इन सभी सिद्धांतों के अनुरूप है, क्योंकि:

  • छात्र कम समय में प्रोफेशनल योग्यता प्राप्त करेंगे।
  • व्यावहारिक प्रशिक्षण को प्राथमिकता मिलेगी।
  • शिक्षा और रोजगार के बीच की दूरी कम होगी।

इससे शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था अधिक आधुनिक और परिणामोन्मुख बनेगी।

कोर्स की अवधि और संरचना

यह कोर्स कुल 12 महीनों का होगा, जिसमें सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ स्कूल आधारित प्रशिक्षण को भी शामिल किया जाएगा। पाठ्यक्रम को इस तरह तैयार किया जाएगा कि छात्र कक्षा प्रबंधन, शिक्षण विधियों और बाल मनोविज्ञान को वास्तविक वातावरण में समझ सकें।

संभावित ढांचा:

  1. पहले चरण में थ्योरी और शिक्षण तकनीक
  2. मध्य चरण में स्कूल इंटर्नशिप
  3. अंतिम चरण में मूल्यांकन और प्रोजेक्ट कार्य

फीस के संबंध में अनुमान है कि सरकारी और अनुदान प्राप्त कॉलेजों में शुल्क ₹20,000 से ₹30,000 के बीच रहेगा, जबकि निजी संस्थानों में यह थोड़ा अधिक हो सकता है।

पात्रता को क्यों बनाया गया सख्त

1 वर्षीय बीएड में प्रवेश के लिए मजबूत शैक्षणिक आधार को प्राथमिकता दी गई है। इसके लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे जिनके पास:

  • चार वर्षीय स्नातक (Integrated UG) डिग्री या
  • किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से परास्नातक डिग्री

इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कम समय में भी उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण दिया जा सके और योग्य शिक्षक तैयार हों।

न्यूनतम अंक और आयु सीमा

इस कोर्स के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को कम से कम 50% अंक आवश्यक होंगे। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट दी जाएगी।

एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कोई ऊपरी आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। इससे:

  • नौकरी कर चुके लोग
  • करियर बदलने वाले अभ्यर्थी
  • लंबे समय बाद पढ़ाई शुरू करने वाले उम्मीदवार

भी इस अवसर का लाभ उठा सकेंगे।

प्रवेश प्रक्रिया का तरीका

प्रवेश प्रक्रिया विश्वविद्यालय या कॉलेज के नियमों पर निर्भर करेगी। आमतौर पर दो विकल्प हो सकते हैं:

  • प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन
  • शैक्षणिक अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट

उम्मीदवारों को संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा और सभी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे।

परीक्षा और काउंसलिंग की व्यवस्था

जहां प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी, वहां प्रश्न निम्न विषयों से हो सकते हैं:

  • शिक्षण अभिरुचि
  • बाल मनोविज्ञान
  • सामान्य ज्ञान
  • विषय संबंधी समझ

चयन के बाद काउंसलिंग होगी, जिसमें दस्तावेज सत्यापन और फीस जमा की जाएगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जरूरी है।

कम समय में करियर की शुरुआत का लाभ

1 वर्षीय बीएड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को दो साल इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे जल्दी शिक्षक पात्रता परीक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे। इससे उनका करियर समय पर शुरू होगा और प्रतिस्पर्धा में वे पीछे नहीं रहेंगे।

आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद

कम अवधि के कारण:

  • कुल फीस कम होगी
  • हॉस्टल, भोजन और यात्रा जैसे खर्च घटेंगे

यह विशेष रूप से मध्यम वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए लाभकारी साबित होगा।

इंटर्नशिप से मिलेगा वास्तविक अनुभव

इस कोर्स में स्कूल इंटर्नशिप अनिवार्य होगी। छात्र वास्तविक कक्षा में पढ़ाएंगे, बच्चों की समस्याएं समझेंगे और कक्षा संचालन सीखेंगे। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे व्यवहारिक रूप से मजबूत शिक्षक बन सकेंगे।

BEd 1 Year Course 2026 आवेदन से पहले जरूरी सावधानियां

  • कॉलेज या संस्थान NCTE से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।
  • फीस और नियमों की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही आवेदन करें।

B.Ed 1 Year Course 2026 भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक सकारात्मक और दूरदर्शी बदलाव है। कम समय, कम खर्च और बेहतर प्रशिक्षण के साथ शिक्षक बनने का रास्ता अब और आसान हो गया है। जो छात्र शिक्षा के क्षेत्र में भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक सुनहरा अवसर है।

यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। पात्रता, फीस, नियम और प्रवेश प्रक्रिया समय-समय पर बदल सकती है। आवेदन से पहले संबंधित संस्थान या NCTE की आधिकारिक सूचना अवश्य जांचें।

ऑफिशियल अपडेट यहां देखें 

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Surendar Bhadu

नमस्ते! मैं Surendar Bhadu एक ग्रेजुएट पास हुं और 8 वर्ष के अनुभव वाले प्रोफेशनल ब्लॉगर हैं। वे सरकारी नौकरियों, सरकारी योजनाओं, शिक्षा से… More »

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