Income Tax Update 2026: बजट 2026 आयकर विभाग के अनुसार जीएसटी नियमों में बदलाव
Income Tax Update 2026: 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे केंद्रीय बजट पेश किए जाने की संभावना है और इस बार सबसे ज्यादा चर्चा आयकर व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर हो रही है। संकेत मिल रहे हैं कि सरकार टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकती है, ताकि आम करदाता बिना जटिल प्रक्रिया के रिटर्न भर सके और रिफंड जल्दी मिल सके।
वेतनभोगी वर्ग, मध्यम आय वाले परिवार, वरिष्ठ नागरिक और निवेशक सभी यह जानना चाहते हैं कि टैक्स स्लैब, छूट और कटौतियों में क्या बदलाव होगा और इससे उनकी बचत पर क्या असर पड़ेगा।
बजट का रुख किस ओर माना जा रहा है
इस साल सरकार का जोर नियमों को आसान करने और अनावश्यक विवाद कम करने पर बताया जा रहा है। कोशिश यह रहेगी कि रिटर्न फाइलिंग से लेकर प्रोसेसिंग तक अधिकतर काम डिजिटल सिस्टम से तेज और साफ तरीके से हो। कुछ प्रमुख टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने पर भी विचार की चर्चा है, जिससे लोगों के हाथ में ज्यादा शुद्ध आय बचे।
आयकर कानून में संभावित नया ढांचा
चर्चा है कि 1 अप्रैल 2026 से एक संशोधित आयकर ढांचा लागू किया जा सकता है, जिसका मकसद पुराने प्रावधानों की भाषा और प्रक्रिया को सरल बनाना है। इससे कानूनी जटिलताएं कम हों और ऑनलाइन सिस्टम के जरिए वेरिफिकेशन व रिफंड तेजी से हो सकें।
संभावित टैक्स स्लैब को लेकर अटकलें
रिपोर्ट्स में संकेत दिए जा रहे हैं कि स्लैब ज्यादा चरणों में बांटे जा सकते हैं, ताकि आय बढ़ने के साथ टैक्स धीरे-धीरे बढ़े। उदाहरण के तौर पर निचली आय पर शून्य या कम दर और ऊंची आय पर क्रमशः ज्यादा दर रखने की बात सामने आ रही है। हालांकि अंतिम दरें बजट भाषण के बाद ही स्पष्ट होंगी।
Income Tax Update 2026 कटौतियां और राहत में बदलाव
80C और 80D जैसी लोकप्रिय धाराओं में निवेश सीमा बढ़ाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि लोग बीमा, बचत और निवेश की ओर प्रोत्साहित हों। नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को भी कुछ अतिरिक्त राहत विकल्प मिल सकते हैं। कुछ अनुमानों में मध्यम आय वर्ग को प्रभावी टैक्स राहत मिलने की बात कही जा रही है।
वेतनभोगी और पेंशनभोगियों के लिए असर
TDS प्रणाली पहले की तरह जारी रह सकती है, लेकिन रिपोर्टिंग और गाइडलाइन को ज्यादा स्पष्ट बनाया जा सकता है। रिटायर लोगों के लिए टैक्स प्लानिंग आसान करने और फिक्स्ड इनकम पर राहत देने के उपायों पर भी ध्यान रहने की संभावना है।
करदाताओं के लिए सावधानी
31 मार्च 2026 तक की आय पर मौजूदा नियम लागू रहेंगे, जबकि उसके बाद की आय पर नए प्रावधान लागू हो सकते हैं। इसलिए इस वित्त वर्ष और अगले वर्ष की आय का रिकॉर्ड अलग रखना समझदारी होगी। किसी भी निर्णय से पहले बजट के बाद जारी आधिकारिक जानकारी देखना जरूरी है, अफवाहों के आधार पर टैक्स प्लानिंग करना सही नहीं होगा।
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