UP Outsource Employees Salary Hike Update 2026: आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय बढ़ोतरी की प्रक्रिया तेज
UP Outsource Employees Salary Hike Update 2026: प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत काम कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए राहत देने वाली अपडेट सामने आई है। Uttar Pradesh सरकार ने आउटसोर्स सेवा निगम का रजिस्ट्रेशन कंपनीज़ एक्ट के अंतर्गत पूरा कर लिया है। इसके साथ ही नई तैनाती व्यवस्था, भुगतान प्रणाली और संशोधित मानदेय ढांचे को लागू करने की दिशा में काम तेज कर दिया गया है।
अनुमान है कि इस कदम से करीब चार लाख आउटसोर्स कर्मचारियों को फायदा मिल सकता है, जो काफी समय से बेहतर वेतन संरचना और समय पर भुगतान की मांग उठा रहे थे।
आउटसोर्स सेवा निगम क्यों बनाया गया
सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़े मामलों को एकीकृत और व्यवस्थित करने के लिए अलग सेवा निगम बनाया है। अब नियुक्ति, अनुबंध, उपस्थिति और भुगतान जैसी प्रक्रियाओं की निगरानी एक केंद्रीकृत सिस्टम से होगी।
इसके लिए अलग प्रशासनिक सेटअप तैयार किया जा रहा है और प्रबंध निदेशक की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। पहले जहां अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से भुगतान होता था, अब उसे नई कॉमन व्यवस्था में लाने की तैयारी है, ताकि देरी और भुगतान विवाद कम हों।
कैबिनेट मंजूरी के बाद लागू हो रही नई व्यवस्था
सेवा निगम के गठन को राज्य कैबिनेट से पहले ही हरी झंडी मिल चुकी थी। मंजूरी के बाद शासनादेश जारी हुआ और अब रजिस्ट्रेशन व संचालन ढांचा जमीन पर उतारा जा रहा है।
कई विभागों में 6–8 साल से कार्यरत आउटसोर्स स्टाफ इस फैसले के बाद से बढ़े हुए मानदेय और नई सेवा शर्तों के लागू होने का इंतजार कर रहा है। विभाग स्तर पर डेटा समेकन और स्टाफ मैपिंग का काम भी साथ-साथ चल रहा है।
कितना बढ़ सकता है आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय
नई प्रस्तावित भुगतान संरचना में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार मानदेय तय करने की बात सामने आई है। शुरुआती और सपोर्ट कैटेगरी के कर्मचारियों के लिए लगभग 20 हजार रुपये मासिक से भुगतान शुरू करने का प्रस्ताव बताया जा रहा है।
मिड लेवल स्टाफ के लिए करीब 22,500 से 25,000 रुपये तक की रेंज और तकनीकी या विशेषज्ञ पदों के लिए लगभग 40,000 रुपये तक मानदेय तय करने की चर्चा है। अंतिम राशि विभाग, पद और कार्य प्रोफाइल के अनुसार तय होगी।
UP Outsource Employees Salary Hike Update 2026 सेवा शर्तों में भी हो सकते हैं सुधार
मानदेय बढ़ोतरी के साथ कुछ अतिरिक्त सुविधाएं जोड़ने पर भी विचार चल रहा है। सीमित कैजुअल लीव, महिला कर्मचारियों के लिए मेडिकल लीव और तय अवधि का अनुबंध मॉडल शामिल किया जा सकता है।
तीन साल का कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम लागू करने का सुझाव भी चर्चा में है, ताकि बार-बार एजेंसी बदलने से नौकरी की निरंतरता प्रभावित न हो। बिना उचित कारण सेवा समाप्ति पर रोक और कुछ सामाजिक सुरक्षा लाभ जोड़ने की बात भी सामने आई है।
भर्ती प्रक्रिया होगी ज्यादा पारदर्शी
नई व्यवस्था लागू होने के बाद आउटसोर्स भर्ती को ज्यादा पारदर्शी बनाने की तैयारी है। योग्यता आधारित चयन पर जोर रहेगा और जरूरत पड़ने पर स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने का मॉडल अपनाया जा सकता है।
इससे विभागों को प्रशिक्षित स्टाफ मिलेगा और कर्मचारियों को भी अपेक्षाकृत स्थिर कार्यकाल का भरोसा बढ़ेगा।
कर्मचारियों के लिए जरूरी सलाह
मानदेय बढ़ोतरी, नई दरें और सेवा नियमों से जुड़े अंतिम आदेश विभागीय नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। इसलिए कर्मचारी आधिकारिक आदेश, पोर्टल अपडेट और विभागीय सर्कुलर पर नजर रखें।
सोशल मीडिया या अनौपचारिक सूचियों पर भरोसा करने के बजाय संबंधित विभाग से पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।




