NCERT Syllabus Committee 2026: एनसीईआरटी सिलेबस कमेटी पुनर्गठन सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बड़ा बदलाव
NCERT सिलेबस कमेटी पुनर्गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद बड़ा बदलाव हुआ है और उसमें 20 सदस्यीय NSTC मैं कौन-कौन होंगे इसको लेकर पूरी आज विस्तृत चर्चा है यहां करने जा रहे हैं। इस मामले की शुरुआत कहां से हुई और सुप्रीम कोर्ट की फटकार तक बात पहुंच गई चलिए आपको विस्तृत बताते हैं।
आपको बता दें कि फरवरी 2026 में देश के शिक्षा जगत को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया जब सर्वोच्च न्यायालय ने एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्य पुस्तक में मौजूद न्यायपालिका में भ्रष्टाचार नमक अध्याय पर स्वत: संज्ञान लिया।
उसके बाद फरवरी से अप्रैल 2026 तक का पूरा घटनाक्रम इस प्रकार से घटित हुआ कि फरवरी 2026 में न्यायपालिका पर लिखा अंशु पर संज्ञान लेने के बाद कड़ी आपत्ति जताई और 11 मार्च 2026 को अदालत ने तीन Academicians को ब्लैक लिस्ट करते हुए उन्हें इस चैप्टर के लेखन से जोड़ा।
और 24 और 25 मार्च 2026 को एनसीआरटी से संबंधित पुस्तक की सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन कॉपियों के उपयोग पर ब्लैंकेट बैन लगा दिया और दो अप्रैल 2026 को एनसीईआरटी ने ऑफिशल नोटिफिकेशन जारी करके राष्ट्रीय पाठ्यक्रम और पठन पाठन न सामग्री समिति का पुनर्गठन किया। 8 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जिसमें Academicians मैं अपना पक्ष रखा।
तीन सदस्यों को किया बाहर नहीं कमेटी में बदलाव करते समय तीन पुराने सदस्यों को हटाया गया जिसमें Michel Danino आईआईटी गांधीनगर के पूर्व प्रोफेसर सुप्रीम कोर्ट द्वारा ब्लैक लिस्ट किए गए Academicians मे शामिल दूसरे M.D. Srinivas सेंट्रल पर पुलिस स्टडी चेन्नई से जुड़े उन्होंने भी विवादित चैप्टर से संबंधित माना गया और तीसरे नंबर पर Bibek Debroy पीएम की इकोनामिक एडवाइजर काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष इनका हाल ही में निधन हो गया था इसलिए उनका नाम स्वत: हट गया।
उसके बाद नए दिग्गजों की एंट्री किए हुए शामिल
आपको बता दे की नई भी सदस्य NSTC मैं जो नए चेहरे जुड़े हुए अपने-अपने क्षेत्र में शीर्ष पर हैं और वह निम्न अनुसार है V. कामकोटी आईआईटी मद्रास के निदेशक और STEM Education को मजबूत करने की दिशा में उनकी महत्वपूर्ण अहम भूमिका रहेगी। राघवेंद्र तंवर भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के अध्यक्ष इतिहास की पाठ्य पुस्तकों में संतुलन लाने में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहेगा और तीसरे हैं और आर वेंकट राव जो नेशनल लॉ स्कूल के पूर्व कुलपति और कानून और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े चैप्टर की समीक्षा उनकी प्राथमिकता होगी।
और कुछ ऐसे नाम थे जो पुनर्गठन में पुराने दिग्गज को भी शामिल रखा जो निम्नानुसार है जिसमें पहला नाम है Sudha Murty – Infosys Foundation की अध्यक्ष शिक्षा की मानवीय दृष्टि की प्रतिनिधित्व करती है और दूसरे नंबर पर है Shankar Mahadevan संगीत और कला शिक्षा के प्रतिनिधित्व के रूप में और अंतिम नाम मंजुल भार्गवा जो Princeton University के विश्व प्रसिद्ध गणित प्रोफेसर हैं।
अधिकतर मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह बात नहीं कही गई की कमेटी को रिड्यूस क्यों किया गया है एवं सूत्रों के अनुसार 20 सदस्यों की अधिक कंपैक्ट और फॉक्स्टेड टीम डिसीजन मार्किंग की को तेज करेगी एवं बड़ी कमेटी के बाद कॉन्शांइस बनाने में भी समय अधिक लगेगा यह बात केवल कक्षा आठ तक के सीमित नहीं रहकर कक्षा 3 से 12 तक पूरा बदलाव किया गया है इसके तहत सभी नई टेक्सबुक विकसित की जाएगी एवं कक्षा एक और दो की किताबें भी जरूरत के अनुसार डिवाइस की जाएगी ताकि कक्षा दो से कक्षा थर्ड में प्रवेश करने पर ट्रांसलेशन नॉर्मल रहे
इस प्रकार तीन सदस्य विशेष समिति द्वारा विवादित चैप्टर की समीक्षा की जाएगी एवं नया सिलेबस तैयार होगा।
NCERT सिलेबस कमेटी पुनर्गठन 2026: Supreme Court की फटकार के बाद बड़ा बदलाव — जानें नई 20 सदस्यीय NSTC में कौन-कौन? pic.twitter.com/12SeOScIjI
— Vacancy Mitra (@Vacancymitra) April 8, 2026
NCERT कक्षा 8 के छात्रों के लिए जरूरी बातें
यदि आप यहां आपके बच्चे कक्षा 8 में जनरल है तो आपके लिए यह खास बात है कि वर्तमान में नई किताबें अगले एकेडमी क्षेत्र तक आने की संभावना है और ईट मदरसा डायरेक्टर के शामिल होने से एकेडमिक विश्व पर अधिकतर जोर दिया जाएगा जिससे किसी भी सभ्यता नहीं संस्था की गरिमा के विरुद्ध कंटेंट अब शामिल नहीं किया जाएगा इसके साथ ही सभी तृतीय पहले एक्सपर्ट रिव्यू के माध्यम से दिए जाएंगे।
यदि आज 8 अप्रैल 2026 को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है जिसमें ब्लैक लिस्ट ट्रेड अकैडमी ने अपना पक्ष भी रखा है अदालत के निर्देश के बाद NCRTC के पास एक स्पष्ट रोड में होगा जिसके माध्यम से नहीं एनसीटीसी का पहला काम किया जाएगा जिसमें कक्षा 8 के उसे चैप्टर के विकल्प करना होगा जिसमें न्यायालय द्वारा मंजूरी दी गई है।
इसके तहत शिक्षा को एक अधिक जवाब दे और संतुलित बनाने के लिए सराहनीय कार्य किया जा रहा है ।





