Advisory Stay Indoors Indian Embassy Tehran: भारतीय दूतावास तेहरान ने सभी भारतीयों के लिए 48 घंटे का अनुरोध
Advisory Stay Indoors Indian Embassy Tehran: भारतीय दूतावास ईरान तेहरान दोबारा 7 अप्रैल 2026 को एक जरूरी सलाह जारी करते हुए बताया है कि अगले आने वाले 48 घंटे के लिए अपने जगह पर ही बने रहे और अपने घर के अंदर रहे बाहर न निकले। इसको लेकर एडवाइजरी जारी की है सैयां स्थान बिजली सुविधाओं और अन्य संवेदनशील इलाकों से दूर रहने के लिए एवं बहु मंजिला इमारत के ऊपरी मंजिलों पर नए रहने की सलाह जारी की है।
दूसरी और होटल में ठहरे हुए मेहमानों जिनका होटल दूतावास द्वारा बुक किया गया है को वहीं पर रहने और होटल में टीम से संपर्क में रहने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128 109109, +989128109102, +9899 321 79359 इस प्रकार से हेल्पलाइन नंबर और ऑफिशल ईमेल cons.tehran@mea.gov.in जारी किया है।
आपको बता दें कि यह सलाह हाल ही में अमेरिका इजरायल के हमले के मध्य नजर रखते हुए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एडवाइस दी जारी की है और सभी भारतीयों को सुरक्षित रूप से रखने को लेकर ईरान पूरी तरीके से प्रतिबद्धता दिखाते हुए एडवाइजरी जारी की है।
ईरान संकट विस्तृत विवरण
आपको पता होगा कि अप्रैल 2026 में ईरान में चल रहे संकट अमेरिका और इसराइल बनाम ईरान की मध्य एक बहुत बड़ा सैन्य संघर्ष चल रहा है जिसके कारण युद्ध की एक बहुत बड़ी स्थिति बनी हुई है और यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और अब तक 39वें दिन भी 7 अप्रैल 2026 तक पहुंच चुका है। किसके कारण स्टेट आफ हार्मुज जो पूरे दुनिया में तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा रास्ता है उसे पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त ऑपरेशन जिसका नाम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की शुरूआत किया जिसमें ईरान के सैन्य ठिकानों मिसाइल फैक्ट्री परमाणु सुविधाओं और अन्य नेतृत्व पर हमले किए और ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई समेत कई उच्च अधिकारियों को भी मार गिराया। इसके विपरीत ईरान ने भी जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए जिसमें इसराइल और खाड़ी देशों को निशाना बनाया।
दूसरी और ईरान ने स्ट्रेट आफ हार्मुज जो तेल निर्यात का सबसे बड़ा रास्ता है उसको बंद कर दिया और धमकियां देखकर कहीं शिप को रोक दिए इस जलडमरूमध्य से करीबन दुनिया में 20% तक तेल का निर्यात इसी रास्ते से होता है, परिणाम स्वरुप ईरान ने टैंकरों पर हमले किए जिससे वैश्विक तेल की कीमतें बढ़ गई और अर्थव्यवस्था पर काफी भारी प्रभाव पड़ रहा है।
⚠️ Advisory as on 07 April 2026. pic.twitter.com/xsrpoOvx0f
— India in Iran (@India_in_Iran) April 7, 2026
हाल ही में घटित घटनाएं
अमेरिका इजरायल के हमले के परिणाम स्वरूप ईरान के कई पुल जिसमें रेलवे और हाईवे ब्रिज ट्रेन स्टेशन एयरपोर्ट जिसमें खोर्रमाबाद और पेट्रोकेमिकल प्लांट खार्ग आईलैंड पर दो बार हमला किया दूसरी ओर बिजली सुविधा और अन्य सैनिक ठिकानों पर भी हमले किए। खार्ग आयरलैंड ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात का केंद्र है जहां से ईरान करीबन 90% तक कच्चा तेल यहां से ही निर्यात करता है।
अमेरिका और इजरायल के इस हमले से ईरान को काफी नुकसान पहुंचा है और उत्तरी ईरान प्रदेश में इमारतें तबाह हुई और कुछ अम्लों में नागरिक इलाकों यूनिवर्सिटी अस्पताल को भी नुकसान पहुंचा है जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध अपराध बताया जा रहा है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई
अमेरिका और इजरायल के लगातार हमले से ईरान भी चुप नहीं रहा उन्होंने भी तत्परता दिखाते हुए उनके खिलाफ अपना ऑपरेशन शुरू किया और इसराइल पर मिसाइल देना करके मिसाइल हमले किया जिसमें इसराइल पर तेल क्षेत्र में काफी नुकसान हुआ।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर भी हमले किए इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर्स(IRGC) के इंटेलिजेंस चिप समेत कई अधिकारी मारे गए लेकिन ईरान ने जवाब भी हमले जारी रखें। दूसरी ओर तेल निर्यात का सबसे बड़ा रास्ता स्ट्रेट आफ होर्मुज अभी भी प्रभावित है लगातार टैंकर ऑन पर हमले हो रहे हैं और शिपिंग पूरी तरीके से लगभग बंद है।
दूसरी और ट्रंप की लगातार धमकियां
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बी ईरान को अल्टीमेट टाइम दिया कि वह स्टेट ऑफ होर्मुज को खोलो वरना पावर प्लांट डे और ब्रिज दे होगा। और उन्होंने अपनी बातचीत में आगे का की पूरी सभ्यता आज रात को समाप्त हो जाएगी अगर डील नहीं हुई तो उनकी दूसरी और धमकी यह भी रही कि अमेरिका एक रात में पूरा ईरान तबाह कर सकता है।
लेकिन ईरान ने इन धमकियों को ठुकरा दिया और कहा कि अगर नागरिक सुविधा पर हमला हुआ तो क्षेत्र से बाहर भी जवाब दिया जाएगा और लगातार उनके बीच अभी तक बहस छिड़ी हुई है।





